मो सम कौन कुटिल खल कामी.. ?

गुरुवार, सितंबर 15, 2011

पीयू पीटू - P U P 2

›
इस पोस्ट का टाईटिल सोचा था ’पाले उस्ताद – पाट्टू (पार्ट टू)’ फ़िर सोचा कि विद्वान जन आऊ, माऊ चाऊ टाईप की ब्लॉगिंग के बारे में फ़िक्र करक...
56 टिप्‍पणियां:
बुधवार, अगस्त 31, 2011

पाले उस्तादजी

›
नौ बजने वाले थे और मैं बार बार मोबाईल में टाईम देख रहा था। इतना लेट तो कभी नहीं होते, हारकर फ़ोन मिलाया। पूछा कि कहाँ हो तो जवाब मिला कि ...
44 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, जुलाई 05, 2011

ऑल जगराँव ब्लॉगर(स) एसोसियेशन भंग, तंबू उखड़ा:)

›
बहुत पहले कभी एक कहानी सुनी थी, किसी व्यक्ति ने जप-तप करके यह वरदान पा लिया कि जब उसकी मृत्यु आयेगी तो उसे संबंधित डिपार्टमेंट द्वारा  पहल...
64 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, जून 24, 2011

प्रार्थी का निवेदन..

›
बड़ी पुरानी गल्ल है जी,  हमारी पहली नौकरी के टाईम की। पहली नौकरी का महत्व आप सब जानते ही होंगे, पहली मोहब्बत आदमी एक बार को भुला सकता है ल...
40 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें
मेरी फ़ोटो
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.