मो सम कौन कुटिल खल कामी.. ?
शुक्रवार, जून 26, 2020
कोरोना काल की डायरी
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लॉकडाऊन काल के मेरे अनुभव तो अच्छे ही रहे, विशेषरूप से लॉकडाऊन १ और २ के। वेतन नियत समय पर और बिना कटौती के मिलना तय था तो आर्थिक रूप से क...
3 टिप्पणियां:
बुधवार, जून 10, 2020
समय का फेर
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लगभग दस वर्ष किराए के मकानों में रहना पड़ा, कुल 5 मकानमालिक मिले। ऐसा नहीं हुआ कि इनमें से किसी मकानमालिक से मतभेद के चलते एक रात्रि भी उस ...
10 टिप्पणियां:
गुरुवार, मई 07, 2020
उतने पाँव पसारिये.....
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उन दिनों बिजली की आपूर्ति बहुत अनियमित थी, सार्वजनिक उपक्रम के हाथों में थी। घर में छोटे बच्चे भी थे, आवाज उठी कि इन्वर्टर होना चाहिए। क्र...
11 टिप्पणियां:
रविवार, मार्च 22, 2020
जनता कर्फ्यू में यही सोचा ☺️
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समय के साथ, वय के साथ समझ बदलती है। 'मेरा नाम जोकर' जब पहली बार देखी तो पूरी फिल्म में सिम्मी ग्रेवाल, पद्मिनी और सर्कस वाली रू...
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